2025, Vol. 7, Issue 3, Part B
राजस्थान की स्थापत्य कला में बाटाड़ू के कुएँ का ऐतिहासिक महत्व
Author(s): संगीता चौधरी
Abstract: राजस्थान अपनी अद्वितीय स्थापत्य कला और ऐतिहासिक जल संरक्षण प्रणालियों के लिए प्रसिद्ध है। इस मरुस्थलीय प्रदेश में जल संसाधन हमेशा से ही महत्वपूर्ण रहे हैं, और यहाँ के राजाओं, व्यापारियों एवं समाजसेवियों ने जल संरक्षण की अत्याधुनिक प्रणालियाँ विकसित कीं। इन प्रणालियों में बावड़ियाँ, कुंड, जलाशय और कुएँ विशेष स्थान रखते हैं। बाटाड़ू का कुआँ, जो बाड़मेर जिले में स्थित है, राजस्थान की पारंपरिक जल संरचनाओं और स्थापत्य कला का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह शोध पत्र इस कुएँ के ऐतिहासिक, स्थापत्य और सांस्कृतिक महत्व का विश्लेषण करता है।
DOI: 10.33545/27068919.2025.v7.i3b.1406Pages: 137-139 | Views: 1098 | Downloads: 326Download Full Article: Click Here
How to cite this article:
संगीता चौधरी.
राजस्थान की स्थापत्य कला में बाटाड़ू के कुएँ का ऐतिहासिक महत्व. Int J Adv Acad Stud 2025;7(3):137-139. DOI:
10.33545/27068919.2025.v7.i3b.1406