2022, Vol. 4, Issue 1, Part E
भारत के आर्थिक व सामाजिक क्षेत्रों में ग्रामीण महिलाओं की सक्रियता
Author(s): अर्चना राय
Abstract: भारत में सामाजिक एवं आर्थिक विकास, महिलाओं की सहभागिता एवं योगदान को प्रतिबिंबित करता है। वर्तमान में शहरी महिलाओं के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं की सहभागिता के कारण विकास व्याक रूप से प्रभावित हुआ है। भारत समाज एक कृषि प्रधान समाज है। इसमें महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। कृषि हस्तशिल्प से सम्बन्धित वस्तुओं के उत्पादन एवं विक्रय में महिलाओं ने परम्रारागत रूप से सक्रिय योगदान दिया है। अधिकतर बाजार स्थानीय प्रवृति के थे या उन तक सरलता से पहुँचा जा सकता है। प्राचीन भारत में महिलाओं को आर्थिक जीवन में भाग लेने का जितना अवसर प्राप्त था वह मध्ययुगीन भारत में निरन्तर कम होता चला गया। नवीन मान्यताओं एवं निशेधों के कारण स्त्रियाँ जीवन में अपेक्षाकृत कम भाग लेने लगी है।
DOI: 10.33545/27068919.2022.v4.i1e.943Pages: 386-388 | Views: 1848 | Downloads: 619Download Full Article: Click Here
How to cite this article:
अर्चना राय.
भारत के आर्थिक व सामाजिक क्षेत्रों में ग्रामीण महिलाओं की सक्रियता. Int J Adv Acad Stud 2022;4(1):386-388. DOI:
10.33545/27068919.2022.v4.i1e.943