International Journal of Advanced Academic Studies
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International Journal of Advanced Academic Studies

2019, Vol. 1, Issue 2, Part C

प्रेमचंद के उपन्यास में बाल-चरित्र: मानवीय संवेदना का उत्कर्ष


Author(s): शशि प्रभा

Abstract: कथा-सम्राट प्रेमचंद ने अपने उपन्यासों में जिस प्रकार के बाल-चरित्र की कल्पना की है, वह मानवीय संवेदना से परिपूर्ण हैं इनके बाल-चरित्र कहीं भी दब्बू, कमजोर, कायर या हतदर्प नहीं दिखाई देते हैं। अपने आसपास तमाम सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक तथा आर्थिक समस्याओं से टकराते हुए ये बाल-चरित्र स्वयं अपने व्यक्तित्व का निर्माण करते नजर आते हैं। प्रेमचंद के उपन्यासों में उपस्थित बाल-चरित्र समाज की संवेदना को जागृत करने में अत्यंत सफल है।

Pages: 196-199 | Views: 14 | Downloads: 5

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How to cite this article:
शशि प्रभा. प्रेमचंद के उपन्यास में बाल-चरित्र: मानवीय संवेदना का उत्कर्ष. Int J Adv Acad Stud 2019;1(2):196-199.
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